Types Of Bank Loans in Hindi ( बैंक Loan ke प्रकार )

किसी काम को करने के लिए, बिजनेस को बढ़ाने के लिए, यह किसी पर्सनल काम के लिए बैंक के किसी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से जाने वाली फाइनेंशियल हेल्प को Loan कहा जाता है. 

जिसके बदले में कस्टमर बैंक के फाइनेंस कंपनी के रूप में ब्याज के साथ लोन का पूरा अमाउंट वापस कर देते हैं.

 कितनी तरह के लोन प्रोवाइड करते हैं. तो चलिए शुरू करते हैं टाइम पीरियड के हिसाब से लोन 3 तरह के होते हैं पहला होता है.


  •  शॉर्ट टर्म लोन जिसमें पैसे लौटाने का समय 1 साल से कम का होता है.
  •  दूसरा होता है मीडियम टर्म लोन जिसमें पैसे लौटाने का समय 1 से 3 साल के बीच का होता है.
  •  और तीसरा होता है लॉक डाउनपेमेंत जिसमें पैसे लौटाने का समय 3 साल से ज्यादा का होता है.


पर्सनल loan:


 पर्सनल लोन का मतलब होता है खुद के लिए लिया हुआ लोन. जिंदगी बच्चों की स्कूल फीस भरनी हो किसी का इलाज कराना हो किसी को मैं ही गिफ्ट देनी हो पर्सनल लोन के लिए हर बैंक की अपनी-अपनी ब्याज दर तय होती है.

 जैसे आज की डेट में पर्सनल लोन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 12% से लेकर 60% तक सालारा इंटरेस्ट बोल रहा है. तो एचडीएफसी बैंक 10% से 20% सालाना इंटरेस्ट वसूल रहा है. जरूरी है कि पर्सनल लोन की ब्याज दर दूसरे लोन के मुकाबले में ज्यादा होती है. भोपाल की सैलरी देते हैं और उनको यीशु कर देते हैं पर्सनल लोन आपको 5 साल तक के लिए मिल सकता है.

Gold Loan:


 दूसरा होता है गोल्ड लोन गोल्ड लोन बैंक में गोल रखने के बदले में गैस लेने वाला प्रोसेस होता है. आपको गोल्ड बैंक के लॉकर में रखना पड़ता है. इस तरह के लोग जमा किए गए गोल्ड की क्वालिटी और प्राइस पर मिलते हैं. बिहेवियर में यह देखा गया है कि कीमत को पूरा करने के लिए लेते हैं.

इस लोन पर लिया जाने वाला ब्याज दर पर्सनल लोन की तुलना में बैंक ऑफ़ इंडिया गोल्ड लोन पर किसी को रख करके लोन देता है.

मगर सवाल उठता है कि सिक्योरिटी पेपर क्या होते हैं?

अगर आपने डिमांड शेयर इन पेपर की वैल्यू होती है. आप अगर लोन चुकाने में असमर्थ हैं इंडिया में बंद हो जाते हैं तो बैंक आपके सिक्योरिटी पेपर को साफ कर लेता है. और बाजार में बेच देता है आप इन सिक्योरिटी पेपर को बैंक में गिरवी रख सकते हैं.

 आपको आपके पेपर के आधार पर ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी देता है. रात का मतलब होता है कितने पैसे आपके अकाउंट में है उसे ज्यादा पैसे निकालने की सुविधा अगर आपके अकाउंट में बैलेंस है. तभी आप अपने अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं.

Property Loan:


 प्रॉपर्टी लोन गोल्ड लोन है जो बैंक आपकी प्रॉपर्टी के कागजात गिरवी रख कर देता है. यह ज्यादा से ज्यादा 15 साल तक के लिए मिल सकता है. आमतौर पर प्रॉपर्टी की जो कीमत होती है उसका 40 से 7 परसेंट तक लोन मिल जाता है.

 पांचवा लोन होता है घर बनाने के लिए लोन नहीं लेते हैं. बनाने की मकान का रजिस्ट्रेशन स्टाफ न्यूज़ पुरानी का 25% से 5% लोन दे सकती है. जुगाड़ बनाने के लिए नीमच खेला है.

 तो आप मेको श्री फैलाकर 30% यानी ₹130000 देंगे और बाकी की रकम धीरे-धीरे जुगाड़ होम लोन चुकाने का टाइम 5 साल का हो सकता है.

एजुकेशन लोन ( Educational Loan )


मैरिड स्टूडेंट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना चाहता है एजुकेशन लोन के लिए अप्लाई करना है. आ गया है कि नॉन सिर्फ उन्हीं स्टूडेंट्स को दिया जाता है. जो इसे वापस करने की क्या डिसीजन है लिखा जाता है. या फिर लोन लेने वाले स्टूडेंट्स में जा रहे हैं. वहां से बढ़कर वह कम आएंगे या नहीं जाएंगे.

 वहां पढ़ाई खत्म होने के बाद स्टूडेंट विटामिन गारंटर लोन लेने वाले के गाने एजुकेशन लोन 500000 तक के लोन के लिए डिबिया ब्याज दर लागू होती है.

 वही प्यार कर पूरे लोन को चुकाने तक लागू रहती है. फ्लोटिंग रेट होरे गोल्ड लोन इंटरेस्ट रेट जब तक लोन का पूरा पेमेंट नहीं हो जाता है.

 नमस्कार पर मालिकाना अधिकार लोन देने वाले बैंक का ही होता है. आपको बैंक में अपनी सैलरी स्लिप और पिछले 2 या 3 साल का इनकम टैक्स रिटर्न जमा करना पड़ सकता है.

 इसके अलावा कोई आईडी प्रूफ और एड्रेस भी आपको जमा करना होता है. निकाल होता है कॉर्पोरेट लोन मोदी विजय माल्या अंबानी कंपनी को लोन दे सकते हैं.

मगर हाल ही में हुए रिपोर्टर कैसेट में बढ़ोतरी को देखते हुए आरबीआई ने कहा है कि 1 जनवरी 2019 तक नियम लागू हो जाएगा जब बैंक और कैपिटल वीडियो में आपने जाना.